September 26, 2021

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अथर्ववेद – Atharvaveda – 4:23 – पापमोचन सूक्त

अथर्ववेद संहिताअथ चतुर्थ काण्डम् ७७४. अग्नेर्मन्वे प्रथमस्य प्रचेतसः पाञ्चजन्यस्य बहुधा यमिन्धते।विशोविश: प्रविशिवांसमीमहे स नो मुञ्चत्वंहसः॥१॥ बहुधा जिन्हें ईंधन द्वारा प्रदीप्त...

अथर्ववेद – Atharvaveda – 4:22 – अमित्रक्षयण सूक्त

अथर्ववेद संहिताअथ चतुर्थ काण्डम् ७६७. इममिन्द्र वर्धय क्षत्रियं म इमं विशामेकवृषं कृणु त्वम्।निरमित्रानक्ष्णुह्यस्य सर्वांस्तान् रन्धयास्मा अहमुत्तरेषु॥१॥ हे इन्द्रदेव ! आप...

अथर्ववेद – Atharvaveda – 4:21 – गोसमूह सूक्त

अथर्ववेद संहिताअथ चतुर्थ काण्डम् ७६०. आ गावो अग्मन्नुत भद्रमक्रन्त्सीदन्तु गोष्ठे रणयन्त्वस्मे।प्रजावती: पुरुरूपा इह स्युरिन्द्राय पूर्वीरुषसो दुहानाः॥१॥ गौएँ हमारे घर आकर...

अथर्ववेद – Atharvaveda – 4:19 – अपामार्ग सूक्त

अथर्ववेद संहिताअथ चतुर्थ काण्डम् ७४३. उतो अस्यबन्धुकृदुतो असि नु जामिकृत्।उतो कृत्याकृतः प्रजां नडमिवा च्छिन्धि वार्षिकम्॥१॥ हे अपामार्ग ओषधे ! आप...

अथर्ववेद – Atharvaveda – 4:18 – अपामार्ग सूक्त

अथर्ववेद संहिताअथ चतुर्थ काण्डम् ७३५. समं ज्योतिः सूर्येणाह्रा रात्री समावती। कृणोमि सत्यमूतयेऽरसाः सन्तु कृत्वरीः॥१॥ जिस प्रकार प्रभा और सूर्य का...

अथर्ववेद – Atharvaveda – 4:17 – अपामार्ग सूक्त

अथर्ववेद संहिताअथ चतुर्थ काण्डम् ७२७. ईशानां त्वा भेषजानामुज्जेष आ रभामहे।चक्रे सहस्रवीर्यं सर्वस्मा ओषधे त्वा॥१॥ हे ओषधे! रोग निवारण के लिए...

अथर्ववेद – Atharvaveda – 4:16 – सत्यानृतसमीक्षक सूक्त

अथर्ववेद संहिताअथ चतुर्थ काण्डम् ७१८. बृहन्नेषामधिष्ठाता अन्तिकादिव पश्यति।य स्तायन्मन्यते चरन्त्सर्वं देवा इदं विदुः॥१॥ महान् अधिष्ठाता (वरुणदेव) सभी वस्तुओं के जानने...

अथर्ववेद – Atharvaveda – 4:15 – वृष्टि सूक्त

अथर्ववेद संहिताअथ चतुर्थ काण्डम् ७०२. समुत्पतन्तु प्रदिशो नभस्वतीः समभ्राणि वातजूतानि यन्तु।महऋषभस्य नदतो नभस्वतो वाश्रा आपः पृथिवीं तर्पयन्तु॥१॥ वायु से युक्त...

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