कृमिनाशन सूक्त

अथर्ववेद – Atharvaveda – 2:32 – कृमिनाशन सूक्त

अथर्ववेद संहिता॥अथ द्वितीय काण्डम्॥ ३३०.उद्यान्नादित्यः क्रिमीन् हन्तु निम्रोचन् हन्तु रश्मिभिः। ये अन्त: क्रिमयो गवि॥१॥ उदित होते हुए तथा अस्त होते...

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