यक्ष्मविबर्हण सूक्त

अथर्ववेद संहिता – 2:33 – यक्ष्मविबर्हण सूक्त

अथर्ववेद संहिता॥अथ द्वितीय काण्डम्॥[३३- यक्ष्मविबर्हण सूक्त] [ ऋषि -ब्रह्मा। देवता – यक्षविबर्हण (पृथक्करण) चन्द्रमा, आयुष्य।…

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