वाणिज्य सूक्त

अथर्ववेद – Atharvaveda – 3:15 – वाणिज्य सूक्त

अथर्ववेद संहिताअथ तृतीय काण्डम् इस सूक्त के ऋषि पण्यकाम(व्यवहार की कामनावाले) अथर्वा हैं। इसमें परमेश्वर अथवा इन्द्राग्निको वणिज(व्यवसायी) कहा गया...

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