सत्यौजा अग्नि सूक्त

अथर्ववेद – Atharvaveda – 4:36 – सत्यौजा अग्नि सूक्त

अथर्ववेद संहिताअथ चतुर्थ काण्डम् ८६८. तान्त्सत्यौजा: प्र दहत्वग्निर्वैश्वानरो वृषा।यो नो दुरस्याद् दिप्साच्चाथो यो नो अरातियात्॥१॥जो शत्रु हम पर झूठा दोषारोपण...

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